46 Episodes
The beginning
मैंने कई पॉडकास्ट देखे महाभारत के, पर सभी इंग्लिश में थे। मुझे लगा की इतना बड़ा महाकाव्य, जिसपर सभी को गर्व होना चाहिए, बहुत से लोगों की पहुँच से दूर है क्यूंकि इंग्लिश में उच्चारण अलग होता है। तो मैंने ये हिंदी पॉडकास्ट शुरू करने पर विचार किया। इस श्रृंखला में, मैं प्राचीन भारतीय महाकाव्य
Origins
आज हम महाभारत के शुरू होने के बारे में बात करेंगे। हम जानेंगे की यह कहानी शुरू कैसे होती है और कैसे कही गयी है और किसके द्वारा कही गयी है। हम यह भी जानेंगे की सर्प यज्ञ क्या था और इस यज्ञ में सभी साँपों को क्यों मारा जा रहा था। आखिकार हम ये
Water Is Life
हम बात करेंगे की महाभारत शुरू कैसे हुई। हम जानेंगे की कौन थे राजा वसु और कैसे एक मछली ने राजा वसु की संतानों को जन्म दिया। इसके साथ ही हम सुनेंगे की ऋषि व्यास कैसे पैदा हुए।
Shakuntala and Dushyant
आज हम दुष्यंत और शकुंतला के बारे में जानेंगे। हम देखेंगे विश्वामित्र की तपस्या ने कैसे इंद्र को चिंतित कर दिया। अंत में हम जानेंगे की राजा भरत का जन्म कैसे हुआ।
Bheeshma
आज हम मुख्य कहानी में आगे बढ़ेंगे और भीष्म के बारे में जानेंगे। हम देखेंगे कि किस तरह से 8 वसुओं ने गंगा और शांतनु के पुत्र के रूप में जन्म लिया। साथ ही साथ हम यह भी देखेंगे कि गंगा ने किस तरह से 7 नवजात शिशुओं को मार दिया। हम देखेंगे कि भीष्म कौन हैं और हम यह भी जानेंगे कि भीष्म प्रतिज्ञा कैसे और क्यों ली गई.
Dhritarashtra, Vidur and Pandu
आज हम भीष्म के भतीजों धृतराष्ट्र, विदुर और पांडु के जन्म के बारे में जानेंगे। हम देखेंगे की कैसे ऋषि व्यास ने एक बहुत बड़ी समस्या को हल किया लेकिन साथ ही साथ दूसरी समस्याओं को जन्म दिया।
Birth Of Heroes And Villains
आज हम देखेंगे की हमारे नायकों और खलनायकों का जन्म कैसे होता है। हम जानेंगे की कैसे युधिष्ठिर पहले पैदा होने के बाद दुर्योधन को बड़ा कैसे माना जा सकता है।
Childhood of Pandavs and Kauravs
आज हम बात करेंगे की पांडवों और कौरवों का बचपन कैसे बीता. हम ये भी जानेंगे की द्रोणाचार्य और कृपाचार्य ने कैसे उनको शिक्षा दी.
Revenge of Drona
आज हम देखेंगे की पांडवों का एक और भाई भी है जो शुरू से ही उनके खिलाफ हो जाता है। आगे हम जानेंगे की द्रोण ने द्रुपद से अपना बदला कैसे पूरा किया।
Lakshagraha
आज हम देखेंगे कि कैसे दुर्योधन ने पांडवों को जलाकर मारने की कोशिश की। हम यह भी देखेंगे कि इस कोशिश का क्या अंजाम हुआ। इसके साथ ही हम यह भी जानेंगे कि सबसे पहले कौन से पांडव की शादी हुई और किससे हुई।
Pandava's in Hiding
आज हम देखेंगे की पांडव वरणवट से निकलकर एकचक्र में कैसे छुपकर ज़िन्दगी बिता रहे हैं। हम भीम और अर्जुन की वीरता के बारे में भी जानेंगे। अंत में हम देखेंगे की द्रुपद ने अपना बदला पूरा करने क्या किया।
Marriage of Pandava’s
आज हम अर्जुन और कर्ण की पहली मुठभेड़ देखेंगे। हम पांडवों की द्रौपदी से शादी के बारे में भी जानेंगे। हम ये भी जानेंगे की द्रुपद इस शादी क बारे में क्या सोचते हैं
King Yayati
आज हम पांडवों, कौरवों और भगवान कृष्ण के पूर्वज राजा ययाति के बारे में बात करेंगे. हम भागवत पुराण के बारे भी जानेंगे और देखेंगे की ये महाभारत से कैसे जुड़ा हुआ है.
Bal Krishna
आज हम देखेंगे की एक भगवान कैसे दुनिया में जन्म लेते हैं। हम कृष्ण के बचपन और उनको शरारतों क साथ उनके अलौकिक रूप भी देखेंगे।
Yuva Krishna
हम कृष्ण पर होने वाले अनेक हमलों के बारे में जानेंगे। हम ये भी देखेंगे की कृष्ण कैसे हमको उनको पाने का रास्ता दिखाते है। इसके साथ ही हम एक घमंडी देवता का घमंड कृष्ण द्वारा टूटता हुआ देखेंगे।
Kans Ka Ant
आज हम देखेंगे की कंस का अंत कैसे हुए और द्वारका कैसे बनी। हम कृष्णा और बलराम को बहुत से राक्षस मारते हुए देखेंगे और एक भगवान राम के वंशज से भी मिलेंगे ।
Krishna Aur Balram
इस एपिसोड में हम कृष्ण और बलराम के बारे में सुनेंगे। हम देखेंगे कि कैसे कृष्ण की 16000 बीवियां थी, और कैसे क्रोधित बलराम ने नदियों, कौरवों और समस्त नगरों को अपने सामने झुका दिया। यह भागवत पुराण की आखिरी कड़ी है।
Hastinapur Vapasi
हम देखेंगे कि पांडव वापस हस्तिनापुर कैसे पहुंचे। हम यह भी देखेंगे कि दुर्योधन और अन्य कौरव पांडवों से कितनी हद तक जलते थे। अंत में हम पांडवों के लिए खुश होंगे जब उनको राज करने के लिए एक देश मिलेगा।
Arjun ki Shadi
आज हम देखेंगे कि किस तरह से अर्जुन एक वनवास में चले गए और वहां उन्होंने कई शादियां की. साथ में पांडवों ने इंद्रप्रस्थ को एक बहुत ही अच्छा राज्य बना दिया। हम यह भी देखेंगे कि कृष्ण और अर्जुन ने किस तरह से एक पूरा जंगल जलाने में अग्नि की मदद की।
Jarasandh ka Vadh
इस एपिसोड में हम देखेंगे कि पांडवों ने एक अद्वितीय महल हासिल किया, और युधिष्ठिर ने महत्वकांक्षी होकर राजसूय यज्ञ करवाने के बारे में सोचा। हम कृष्ण की एक और पुराने शत्रु से मिलेंगे और देखेंगे कि कृष्ण ने किस तरह से शत्रु से द्वारका को बचाया।
Recap
यह अभी तक महाभारत में अभी तक इस पॉडकास्ट में हुई सभी घटनाओं का संक्षिप्त वर्णन है।
Rajsuya Yagya
इस एपिसोड में हम देखेंगे कि युधिष्ठिर ने किस तरह से राजसूय यज्ञ किया और कृष्ण ने किस तरह से अपने एक शत्रु को मार दिया। हम दुर्योधन का पांडवों के प्रति द्वेष भी देखेंगे।
Duryodhan Ka Badla
हम देखेंगे कि किस तरह से दुर्योधन ने पांडवों के खिलाफ अपना बदला उन्हें जुए के खेल में हरा कर लिया। हम भगवान कृष्ण का एक और चमत्कार भी देखेंगे और देखेंगे कि किस तरह से अंत में पांडव और कौरवों के बीच में लड़ाई होते होते रह गई।
Pandavon Ka Vanvaas
हम देखेंगे कि किस तरह से दुर्योधन और शकुनि ने फिर से पांडवों को जुआ खेलने के लिए मजबूर कर दिया. इसके फलस्वरूप पांडवों को वनवास झेलना पड़ा। लेकिन इसके साथ ही पांडवों को इस वनवास में तरह तरह के अस्त्र शस्त्र मिले। इस एपिसोड में महाभारत का सभापर्व खत्म होता है और वनपर्व शुरू होता है।
Duryodhan ki Nakaami
इस एपीसोड में हम नल और दमयंती की कहानी सुनेंगे। साथ ही साथ हम यह भी देखेंगे कि किस तरह से अर्जुन पांडवों के साथ वापस आ गए हैं। हम दुर्योधन और उसकी सेना को नाकाम होते हुए भी देखेंगे।
Agyatvaas Ka Ant
हम देखेंगे किस तरह से एक बार फिर पांडवों और कौरवों के बीच लड़ाई होती है। पांडवों का अज्ञातवास और वनवास खत्म होता है और वह कौरवों के सामने आते हैं। अंत में हम देखेंगे कि कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध का आगाज कैसे होता है।
Yudh ki Shuruaat
हम देखेंगे कि महाभारत का युद्ध शुरू होता है। हम यह भी देखेंगे कि कौन से योद्धाओं ने युद्ध में अपनी जगह बदल ली है।
Yudh, day 2-6
आज हम देखेंगे कि किस तरह से युद्ध दूसरे दिन से चालू होता है और छठे दिन तक जाता है। हम कई तरह के व्यूह के बारे में भी जानेंगे।
Bheeshma ka vadh
आज हम महायोद्धा भीष्म के वध के बारे में जानेंगे.
द्रोण पर्व अभिमन्यु का बलिदान
द्रोण पर्व में हम महाभारत के युद्ध के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँचते हैं। भीष्म पितामह के शरशय्या पर जाने के बाद, युद्ध की बागडोर द्रोणाचार्य के हाथों में आती है। इस दौरान पांडवों की सेना और कौरवों के बीच भयंकर संघर्ष होता है, और अर्जुन के बेटे अभिमन्यु का साहसिक बलिदान भी इस पर्व में शामिल है। अभिमन्यु, जिसे चक्रव्यूह तोड़ने की कला सिखाई गई थी, परन्तु वह उसकी समाप्ति तक नहीं पहुँच पाता। इस एपीसोड में हम द्रोण पर्व की शुरुआत और अभिमन्यु के बलिदान तक के घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे।
अर्जुन की ज्वाला अभिमन्यु का प्रतिशोध
इस कड़ी में अर्जुन को अभिमन्यु की दुखद मृत्यु का समाचार मिलता है और वे जयद्रथ वध की प्रतिज्ञा लेते हैं। अगली सुबह अर्जुन अकेले विशाल व्यूह को भेदते हैं, जबकि सात्यकि और भीम भी उनके पीछे आते हैं। रणभूमि में जबरदस्त युद्ध होता है – वीरता, क्रोध और शोक सब चरम पर हैं। अर्जुन का हर कदम केवल एक लक्ष्य के लिए है: प्रतिशोध।
अर्जुन की प्रतिज्ञा जयद्रथ वध
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे अर्जुन की प्रतिज्ञा के बारे में, जहां उन्होंने जयद्रथ का वध कर अपनी प्रतिज्ञा पूरी की। अर्जुन की वीरता और धर्म के संघर्ष को समझते हुए, हम देखेंगे कि कैसे उन्होंने कौरवों के खिलाफ एक के बाद एक शत्रुओं का सामना किया। इस एपिसोड में जयद्रथ के वध के बाद युद्ध का माहौल और भी भीषण हो गया, जब रात के अंधेरे में दोनों सेनाओं के बीच संघर्ष जारी रहा।
रात्रि युद्ध
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस भयंकर रात्रि युद्ध के बारे में, जब कौरवों ने थकान के बावजूद युद्ध जारी रखा। दुर्योधन के उन्माद और कर्ण की प्रतिहिंसा से युद्ध ने एक नया मोड़ लिया। अर्जुन और कर्ण का भीषण सामना हुआ, और साथ ही सात्यकि और सोमदत्त के बीच द्वंद्व ने माहौल को और गरमा दिया। इस एपिसोड में जानिए कैसे रात्रि के अंधेरे में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को चुनौती दी और युद्ध की तीव्रता बढ़ी।
द्रोणाचार्य का विनाशकारी प्रहार
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस असामान्य रात के बारे में, जब दोनों सेनाओं ने कुछ देर का विराम लिया और घायल योद्धाओं का इलाज किया। लेकिन रात के अंतिम प्रहर में युद्ध फिर से हिंसक रूप से शुरू हुआ, और द्रोणाचार्य ने पांडवों की सेना पर अत्यधिक आक्रमण किया। पांडवों के कई महान सहयोगी मारे गए, और युद्ध ने एक नया मोड़ लिया। अर्जुन और द्रोण के बीच संघर्ष और भीषण होता गया, जब श्रीकृष्ण ने अर्जुन को एक नई रणनीति अपनाने का संकेत दिया।
द्रोणाचार्य का अंत
इस एपिसोड में हम जानेंगे कि कैसे कृष्ण ने युधिष्ठिर और पांडवों के साथ मिलकर द्रोणाचार्य को पराजित करने की रणनीति बनाई।
अश्वत्थामा की प्रलय
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस क्षण की कहानी जब द्रोणाचार्य की मृत्यु के बाद पांडव पक्ष में मिश्रित भावनाएँ उठीं। भीमसेन और धृष्टद्युम्न ने विजय का उत्सव मनाया, लेकिन अर्जुन अपने गुरु की हत्या से गहरे शोक में डूब गए। सात्यकि और धृष्टद्युम्न के बीच तनाव बढ़ा, जिसे कृष्ण और भीमसेन ने संभाला। दूसरी ओर, कौरवों में हाहाकार मच गया और अश्वत्थामा, अपने पिता के वध का बदला लेने के लिए क्रोधित होकर युद्ध में कूद पड़े। उन्होंने नारायणास्त्र का प्रकोप चलाया – एक ऐसा दिव्य अस्त्र, जो सामना करने पर पूरे युद्धभूमि को नष्ट कर सकता था। पांडव सेना भयभीत हो गई, सभी महारथियों ने कृष्ण के आदेश पर हथियार डालकर भूमि पर लेटकर आत्मसमर्पण किया। भीमसेन का अदम्य साहस और अर्जुन की तत्परता ही इस प्रलय से सेना को बचा सकी। इस एपिसोड में जानिए कैसे अश्वत्थामा का प्रकोप और नारायणास्त्र की शक्ति पांडवों के लिए सबसे बड़े संकट में बदल गई और किस तरह कृष्ण और अर्जुन ने समय रहते इसे नियंत्रित किया।
अश्वत्थामा का कोप
आज के एपिसोड में सुनिए अश्वत्थामा के प्रचंड क्रोध की कथा — जब नारायणास्त्र विफल होने के बाद उन्होंने अपने पिता के वध का प्रतिशोध लेने के लिए रणभूमि जला डाली। धृष्टद्युम्न, सात्यकि और भीम तक उनके प्रहार से कांप उठे। अंततः अर्जुन और अश्वत्थामा आमने-सामने आए — दिव्यास्त्रों की भीषण टक्कर में पूरा आकाश दहक उठा। लेकिन जब अर्जुन ने ब्रह्मास्त्र चलाया, तब अश्वत्थामा को पीछे हटना पड़ा — और इसी के साथ द्रोण पर्व का अंत हुआ।
द्रोण पर्व का अंत
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे द्रोण पर्व के समापन की कथा — जहाँ युद्ध वीरता से आगे बढ़कर धर्म और अधर्म की सीमाएँ लांघ गया। अश्वत्थामा के क्रोध, व्यासजी के उपदेश और कृष्ण–अर्जुन की दिव्य उपस्थिति ने युद्ध को नई दिशा दी। अभिमन्यु के बलिदान से लेकर जयद्रथ वध, रात्रि युद्ध और द्रोणाचार्य के अंत तक — यह पर्व दिखाता है कि कुरुक्षेत्र में सत्य, रणनीति और प्रतिशोध सब एक साथ टकरा गए। अब अगला चरण शुरू होगा — कर्ण पर्व, जहाँ नियति का अंतिम द्वंद्व तय होगा।
कर्ण बनाम अर्जुन – 1
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस निर्णायक क्षण की कथा जब युद्ध का केंद्र दो महावीरों पर आ टिकता है — कर्ण और अर्जुन। एक ओर कर्ण अपनी मित्रता और वचन का भार उठाए लड़ा, दूसरी ओर अर्जुन धर्म और न्याय की राह पर अडिग रहा। इस दिन भीम ने दुःशासन का अंत कर द्रौपदी का अपमान धोया, और कर्ण ने अपने भाई होने के बावजूद पांडवों को जीवनदान दिया। लेकिन अब सब कुछ एक बिंदु पर आ पहुँचा — जहाँ नियति ने तय कर रखा था कि कौरव-पांडव युद्ध का निर्णायक पल इन्हीं दो योद्धाओं की भिड़ंत से लिखा जाएगा।
कर्ण बनाम अर्जुन – 2
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस निर्णायक मोड़ की कहानी, जहाँ अर्जुन और कर्ण पहली बार पूरे तेज़ और क्रोध के साथ आमने-सामने आए। अभिमन्यु के प्रतिशोध और वृशसेन वध के बाद यह युद्ध केवल रण नहीं रहा—यह दो जीवनभर के दर्द, शापों और अधूरे वचनों की भिड़ंत बन गया। दिव्यास्त्रों की वर्षा, कृष्ण की रणनीति और कर्ण के शापित दुर्भाग्य ने इस संग्राम को इतिहास का सबसे रोमांचक क्षण बना दिया। अंत में किस्मत, कौशल और कर्म—तीनों ने मिलकर इस महायुद्ध की दिशा तय की।
कर्ण का अंत
इस एपिसोड में हम सुनते हैं महायुद्ध के सबसे निर्णायक क्षण की कहानी, जब धर्म और कर्तव्य आमने-सामने खड़े होते हैं। कर्ण का वध होते ही युद्ध की दिशा हमेशा के लिए बदल जाती है और कौरव पक्ष भीतर से टूट जाता है। इसके बाद अठारहवें दिन का आरंभ होता है, जहाँ एक-एक करके अंतिम प्रमुख योद्धाओं का पतन होता है। यह एपिसोड महाभारत के अंतिम अध्याय की नींव रखता है।
भीम बनाम दुर्योधन अंतिम गदा युद्ध
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे महाभारत के सबसे निर्णायक क्षणों में से एक — भीम और दुर्योधन का अंतिम गदा युद्ध। दोनों महान योद्धा आमने-सामने आते हैं और पूरा रणक्षेत्र सांस रोककर इस भयंकर द्वंद्व को देखता है। युद्ध के बीच एक ऐसा क्षण आता है जो इतिहास की दिशा बदल देता है और वर्षों पुरानी प्रतिज्ञा पूरी होती है। इस एपिसोड में जानिए कैसे इस अंतिम मुकाबले ने कुरुक्षेत्र युद्ध का परिणाम तय कर दिया।
अश्वत्थामा का प्रतिशोध रात्रि का अंतिम संहार
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे महाभारत युद्ध के बाद की वह भयावह घटना, जब हार के बाद भी कौरव पक्ष का प्रतिशोध शांत नहीं हुआ। अश्वत्थामा क्रोध और शोक से भरकर एक भयानक निर्णय लेता है, जो इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में बदल जाता है। इस अध्याय में युद्ध के अंत के बाद भी हिंसा और प्रतिशोध की आग कैसे भड़कती है, यह सामने आता है। पांडवों की जीत के बीच एक ऐसी त्रासदी घटती है, जो इस विजय को भी शोक में बदल देती है।
अश्वत्थामा का श्राप महायुद्ध का अंत
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे महाभारत के अंतिम और सबसे मार्मिक क्षणों के बारे में, जहाँ अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र और कृष्ण के श्राप ने इतिहास की दिशा बदल दी। यह कथा केवल युद्ध के अंत की नहीं, बल्कि उस विनाश की है जिसने दोनों पक्षों को भीतर से तोड़ दिया। जानिए कैसे इस युद्ध के बाद विजय भी शोक में बदल गई।
कर्ण का रहस्य
आज के एपिसोड में हम सुनेंगे उस पल की कहानी, जब कुंती ने पांडवों के सामने कर्ण का असली सच उजागर किया। इस रहस्य ने पांडवों को भीतर तक तोड़ दिया, और विजय के बाद भी उन्हें गहरा शोक घेर लिया। अर्जुन और युधिष्ठिर के मन में पश्चाताप और पीड़ा उमड़ पड़ी, जब उन्हें अपने ही भाई के वध का एहसास हुआ। यह एपिसोड दिखाता है कि महाभारत में जीत के बाद भी कितनी गहरी हार छिपी हुई थी।
युधिष्ठिर त्याग या जिम्मेदारी
आज के एपिसोड में हम देखेंगे युद्ध के बाद युधिष्ठिर के मन में उठे गहरे द्वंद्व को, जहाँ विजय के बाद भी उन्हें शांति नहीं मिलती। अपराधबोध और दुख से भरे युधिष्ठिर सब कुछ छोड़कर वन में जाने का विचार करते हैं। यह कथा है उस आंतरिक संघर्ष की, जहाँ राजा और साधु के बीच उनका मन झूलता रहता है।